रांची : झारखंड सरकार ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हमारा दिल बहुत बड़ा है. भारतीय जनता पार्टी और अन्य विरोधी दलों द्वारा हमारे खिलाफ छोटी-मोटी साजिश की जा रही है. आलोचनाओं को हम ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची जाएगी तो उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भाजपा को इसका हम माकूल जवाब देंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज दुमका में संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा का क्रियाकलाप देश और लोकतंत्र के लिए खतरा है. राज्यों की सरकारों को अस्थिर करना उसकी परंपरा रही है, लेकिन वह इसकी लाख कोशिश कर ले, झारखंड की जनता उसे करारा जवाब देगी. मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं के सवालों पर अपनी बेबाक राय रखी.
दोनों सीटों पर जीत हासिल करेंगे
मुख्यमंत्री ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि दुमका और बेरमो सीट पर हमारी जीत तय है. भारतीय जनता पार्टी चाहे जितनी ताकत लगा ले, उसे दोनों ही सीटों पर करारी शिकस्त मिलेगी. अपनी हार को देखकर ही बीजेपी अनर्गल बयानबाजी कर रही है, लेकिन तीन नवंबर को जनता अपने वोटों से उसे सबक सिखा देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को संथाल परगना की जनता का प्यार पहले से मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा.
कमजोर हो रहे हैं केंद्र राज्य संबंध
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी नीतियों को जबरन जनता पर थोप रहे हैं जिसका असर केंद्र राज्य संबंध पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड के हिस्से के पैसे को काटा जा रहा है. जीएसटी में जो राज्यों की हिस्सेदारी होती है, उसे नहीं दिया जा रहा है. इतना ही नहीं, राज्य के खजाने से भी पैसे निकाल लिए गए. यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अच्छा नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आउटसोर्सिंग, सरकारी कंपनियों का विलय, सरकारी कंपनियों का निजीकरण और सरकारी कंपनियों को बेचने का काम कर रही है. इससे रोजगार के मौके कम होंगे. वहीं आदिवासी, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों को भी नुकसान पहुंचेगा. सरकार अपने क्रियाकलापों से संविधान के मूल भाव को भी दरकिनार करने का काम कर रही है. सरकार ने जो नया किसान बिल पारित किया है, उससे पिछड़े राज्यों के किसानों को भविष्य में काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.
भाजपा के दीपक प्रकाश पर मुकदमा वापस नहीं होगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश द्वारा दिया गया बयान कोई नया नहीं है. यह भारतीय जनता पार्टी की परंपरा रही है कि वह राज्यों की स्थिर सरकारों को अस्थिर करे. भाजपा शुरू से ही हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देती रही है और झारखंड में भी अब यही कोशिश कर रही है .लेकिन, उसका यह मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा. उन्होंने कहा कि दो माह के अंदर राज्य में सरकार बनाने को लेकर दीपक प्रकाश ने जो बयान दिया है और उनके खिलाफ जो प्राथमिकी दर्ज की गई है उसे वापस नहीं लिया जाएगा. इस मुकदमे को लेकर आगे जांच होगी.
कोरोना काल में अपने कर्तव्यों का किया निर्वहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने अपने कर्तव्यों का पूरी इमानदारी के साथ निर्वहन किया है. चाहे प्रवासी मजदूरों को वापस घर लाने की बात हो या फिर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना. सरकार की ओर से सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई. झारखंड देश का पहला राज्य था जिसने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज और ट्रैन से उन्हें वापस लाने का काम किया. उन्होंने कहा कि राज्य को संक्रमण से बाहर निकाल कर जीवन को सामान्य बनाना सरकार का पहला लक्ष्य है और इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है.
ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार कृष संकल्प है. रोजगार सृजन को लेकर कई योजनाएं शुरू की गई है. अब हमारी कोशिश यही है कि राज्य में स्थापित निजी उद्योगों में 80 फीसदी स्थानीय लोगों को नौकरी मिले इसके लिए सरकार जल्द ही एक नीति बनाएगी.
व्यवसाय और उद्योगों को बढ़ावा दे रही सरकार
झारखंड में रोजगार तभी बढ़ेंगे, जब यहां उद्योग धंधे लगेंगे. व्यवसाय और उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कोशिशें लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि उद्योगों को लगाने के लिए जमीन चाहिए और जमीन कैसे उन्हें उपलब्ध कराई जाए, इस पर व्यापक सहमति बनानी जरूरी है. मुख्यमंत्री ने इस मामले को लेकर ग्राम सभाओं से कहा कि वे इस पर व्यापक विचार-विमर्श कर सरकार को सुझाव दें ताकि उद्योगों को भी जमीन मिल सके और रैयतों को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हो. इसके माध्यम से हम अपने लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध करा सकेंगे.
लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की परेशानियों को दूर करना सरकार की विशेष प्राथमिकता है. इस सिलसिले में ट्विटर के माध्यम से जो समस्याएं आ रही है उसके निदान के लिए तुरंत निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन यह बात भी सही है कि हर कोई ट्विटर पर अपनी समस्या नहीं बता सकता है. लेकिन, सरकार लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है और आगे भी करते रहेगी.
गौरी रानी की रिपोर्ट