बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने वीडियो कांफ्रिसिंग के जरिए पर्यावरण और राष्ट्रीय आपदा जैसे गंभीर मसले पर कई लोगों से बातचीत की. सर्वप्रथम इस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित लोगो का स्वागत एवं अध्यक्षता बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ0 मदन मोहन झा के द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस बैठक का जो निष्कर्ष निकलेगा उसे हम अपनों घोषणापत्र में शामिल तो करेंगे ही, साथ ही इसे लागू करनें और करानें के लिये सदैव संघर्षशील भी रहेंगे।
कॉन्फ्रेंस का संचालन रिसर्च विभाग के चेयरमैन आनंद माधव एवं समन्वयक डॉ0 मधुबाला के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने देश व्यापी आपदा प्रबंधन 2005 की चर्चा की। उनहोने के कहा कि कांग्रेस सरकार के काल में ही इस अधिनिमय को बनाया गया था। वर्ष 2004 में आई सुनामी जैसी बडी आपदा और उसके पूर्व कई बड़ी आपदाओं को देखते हुए संभावित आपदाओं से निपटने के लिए एक संस्थागत ढांचा के रूप में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 को बनाया गयां था। जयराम रमेश ने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को नजर अंदाज करने का ही परिणाम है जो आज दुनिया में कोविड-19 आपदा आई है।
रमेश समेत जमाम बुद्धिजिवों का कहना था कि आपदा के इस काल में मनरेगा मजदुरो के लिए एक हथियार के रूप मे कार्य कर रहा है। आज कांग्रेस के समय बनाये गये संस्थान जैसे एनडीएमए , एसडीएमए एवं मनरेगा जैसे कानून ही काम कर रहें हैं। सत्ता में बैठी सरकार ने शुरुआती दिनों में इसका पुरज़ोर विरोध किया था वही आज लाइफ़ लाइन बना हुआ है। चर्चा के दौरान मौजूदा सरकार की खामियों पर प्रकाश डाला गया. लोगों ने तय किया कि तैयारी और व्यवस्था में जो कमी अथवा लापरवाही दिख रही है उसे लेकर सरकार के साथ साथ जनता को भी अवगत कराने का काम किया जाएगा।
