पटना : बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह में शिरकत करने आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का बिहार दौरा समाप्त हो गया है. वो तीन दिनों की बिहार दौरे को पूरा करने के बाद वापस दिल्ली लौट गए हैं. इससे पहले उन्होंने शुक्रवार यानि आज पटना सिटी स्थित हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा पहुंचे. यहां उन्होंने सपरिवार मत्था टेका.

इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की तरफ से उन्हें शॉल और स्मृति चिह्न के रूप में दशमेश गुरू की तस्वीर प्रदान की गई.

इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला पटना स्टेशन स्थित महावीर मंदिर पहुंचा. जहां महामहिम ने मंदिर में जाकर भगवान महावीर के दर्शन किए. इस दौरान राष्ट्रपति को महावीर मंदिर के संरक्षक आचार्य किशोर कुणाल ने लाल गुलाब देकर उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने फर्स्ट लेडी के साथ भगवान हनुमान की पूजा अर्चना की.

यहां आचार्य किशोर कुणाल ने उन्हें केसरिया के राम मंदिर की स्मृति चिह्न और रामचरित मानस भेंट की. महावीर मंदिर में पूजा करने के बाद राष्ट्रपति बुद्ध स्मृति पार्क पहुंचे और यहां उन्होंने समय बिताया.

रामनाथ कोविंद यहां से यहां से सवा 10 बजे पटना के प्रसिद्ध खादी खादी मॉल पहुंचे जहां बिहार सरकर के उद्योग मंत्री शहनवाज हुसैन नें फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया. यहां राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को खादी का माला पहनाया, इसके बाद उन्होंने चरखा चलाया और सूत काटी. राष्ट्रपति ने खादी मॉल में खरीददारी भी की. यहां उन्होंने अपने लिए कुर्ता पायजामा और पत्नी बेटी के लिए सिल्क की साड़ियां खरीदी. यहां राष्ट्रपति को उद्योग मंत्री शहनवाज हुसैन ने भगवान बुद्ध और मिथिला पेंटिंग भेंट की.

तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आए राष्ट्रपति कोविंद खादी मॉल से सीधे पटना एयरपोर्ट पहुंचे. जहां से वह वायुसेना की विशेष फ्लाइट से वापस नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए. इस दौरान उन्हें विदा करने बिहार के राज्यपाल फागू चौहान और सीएम नीतीश कुमार भी पटना एयरपोर्ट पहुंचे.

वहीं राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया था. बिहार पुलिस के जवान सुबह से ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने में लगे रहे. जिन जगहों से राष्ट्रपति का काफिला गुजरा, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम नजर आए. जहां पटना साहिब और महावीर मंदिर को राष्ट्रपति के आने के कारण आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया, वहीं खादी मॉल में उनके आने के कारण व्यस्त रहनेवाले गांधी मैदान का इलाका भी पूरी तरह से खाली नजर आया.
