पटना : कई दशको से ऐतिहासिक गांधी मैदान में चली आ रही रावण दहन की परंपरा आज टूट गयी. कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर पटना के कालीदास रंगालय में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की.
इस बार के रावण दहन में अनोखी बात ये रही कि इस बार रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के साथ-साथ कोरोना के भी पुतले का दहन किया गया. साथ ही इस बार कोरोना की वजह से काफी छोटे जगह में इसका आयोजन किया गया और काफी छोटा पुतला भी बनाया गया.
आपको बता दें कि पटना में रावण वध कार्यक्रम का आयोजन देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान वाले हिस्से से आए लोगों ने शुरू किया था. पहली बार 1955 में गांधी मैदान में ही रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. गांधी मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और गवर्नर सहित अन्य गण्यमान्य लोग भी शामिल होते रहे हैं. तब करीब एक हजार रुपए समिति की ओर से खर्च किए गए थे. वक्त के साथ गांधी मैदान में जलाए जाने वाले पुतले का आकार और इसमें होने वाला खर्च भी बढ़ता चला गया. और इसबार पहलीबार हुआ जब रावन को गांधी मैदान से बाहर जलाया गया.
दरअसल दशहरा कमिटी ने सरकार से कोरोना को लेकर परमिशन नहीं मिलने के बाद यह आयोजन कालिदास रंगालय में आयोजित किया. इस कार्यक्रम में आम लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया .
विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट
